CG Government has addressed a letter to PM Modi to refund NPS contribution deposited with NDSL.
Govt Emp Corner: 1 जनवरी 2004 और उसके बाद में नौकरी में आए सरकारी कर्मचारियों के लिए नई नई पेंशन योजना (New Pension Scheme) की जगह पर पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) बहाल किए जाने के संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) के द्वारा 2 जून 2022 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) को इसके संबंध में महत्वपूर्ण पत्र लिखा है. पीएम मोदी को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य के वर्ष 2022-23 के बजट भाषण में राज्य शासन की पेंशन योग्य स्थापना में दिनांक 1 नवंबर 2004 अथवा उसके पश्चात नियुक्त समस्त शासकीय कर्मचारियों के लिए नवीन अंशदाई पेंशन योजना (NPS) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की घोषणा की गई है। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक 1 मई 2022 में यह निर्णय का अनुमोदन किया जा चुका है, तथा इस निर्णय के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक अधिसूचना छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) दिनांक 11 मई 2022 को जारी की जा चुकी है.
पत्र में आगे कहा गया है कि लोकहित की शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य शासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पुरानी मांग पर उनके एवं उनके परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दृष्टि से पुरानी पेंशन योजना की बहाली का निर्णय लिया गया है। दिनांक 1 अप्रैल 2022 से शासकीय सेवकों के वेतन से की जाने वाली मासिक पेंशन अनशन को समाप्त करते हुए एनएसडीएल को जमा किए जाने वाले कर्मचारी एवं राज्य शासन के अंशदान को बंद कर दिया गया है। इसके स्थान पर पुरानी पेंशन योजना के अनुरूप ऐसे प्रत्येक कर्मचारी का नवीन सामान्य भविष्य निधि खाता खोलकर प्रतिमाह उनके मूल वेतन का 12 फ़ीसदी अंशदान जीपीएफ खाते में जमा किया जा रहा है, जो कि कर्मचारी के रिटायरमेंट पर सामान्य भविष्य निधि नियमों के अनुरूप ब्याज सहित अंतिम भुगतान कर्मचारी को किया जाएगा.
पत्र में आगे जिक्र किया गया है कि राज्य शासन द्वारा यह निर्णय भी लिया गया है कि 31 मार्च 2022 तक एनएसडीएल के पास राज्य कर्मचारियों एवं राज्य सरकार के अंशदन की जमा कुल राशि को राज्य सरकार द्वारा वापस प्राप्त किया जाए तथा इसमें से कर्मचारियों के अनुदान की कुल जमा राशि उनके सामान्य भविष्य निधि खाते में अंतरित की जाए तथा राज्य शासन के अनुदान की कुल जमा राशि को लोग लेखे के अंतर्गत एक पृथक पेंशन निधि में जमा किया जाए इस निधि से भविष्य में पेंशनरी दायित्व के भुगतान भुगतान हेतु आवश्यक होने पर राशि का आहरण किया जा सकेगा. और इस राशि का कुछ हिस्सा जो कि 4 फ़ीसदी होगा उसे शेयर बाजार में निवेश किया जाएगा.
पीएम मोदी को लिखे गए पत्र में बताया गया है कि राज्य सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एनएसडीएल को 1 नवंबर 2004 से 31 मार्च 2022 तक कुल 11850 करोड रुपए ट्रांसफर किए गए हैं एनएसडीएल से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में इस जमा राशि का बाजार मूल्य लगभग 17240 करोड रुपए है राज्य सरकार द्वारा पत्र दिनांक 20 मई 2022 के माध्यम से उपरोक्त सभी तथ्यों से पेंशन विधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण को अवगत कराते हुए इस जमा राशि को राज्य शासन को वापस करने का अनुरोध किया गया था प्राधिकरण द्वारा अपने पत्र दिनांक 26 मई 2022 के माध्यम से यह उल्लेख किया गया है कि पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण अधिनियम 2013 अपठित पीएफआरडीए राष्ट्रीय पेंशन योजना अंतर्गत निकासी एवं प्रत्याहार नियम 2015 तथा अन्य सुसंगत नियमों में इस आशय का कोई प्रावधान नहीं है जिसमें राज्य सरकार को कर्मचारी एवं नियोक्ता अंशदान की जमा राशि वापस की जा सके.
राज्य सरकार द्वारा एनपीएस ट्रस्ट तथा एनएसटीएल के साथ किए गए अनुमानों में ऐसा कोई विशिष्ट प्रावधान नहीं है जो राज्य शासन को नवीन अंशदाई पेंशन योजना के संबंध में किए गए अनुबंध से बाहर जाने तथा पुरानी पेंशन योजना की बहाली से बाधित करता हो संघीय ढांचे में यह राज्य सरकार का संप्रभु निर्णय है कि वह अपने कर्मचारियों के हित में कल्याणकारी कदम उठा सके राज्य सरकार द्वारा राज्य के विधान मंडल में प्रस्तुत बजट में की गई घोषणा एवं उसके अनुक्रम में मंत्री परिषद द्वारा राज्य के सरकारी कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु लिए गए निर्णय के क्रियान्वयन से रोका जाना उचित नहीं होगा.
पत्र में आगे कहा गया है कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के हित में उक्त निर्णय के क्रियान्वयन हेतु पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण को कर्मचारी एवं नियुक्त अनुदान की एनएसडीएल के पास जमा राशि को राज्य सरकार को वापस करने का निर्देश प्रदान करने का कष्ट करें. इस तरह से कर्मचारियों के हित में छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा माननीय पीएम मोदी से इस मामले में दखल देने का अनुरोध किया गया है.
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